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कानपुर, 23 दिसंबर 2025: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के अंतर्गत C3iHub ने इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (IPA) के अधिकारियों के लिए समुद्री साइबर सुरक्षा (Maritime Cybersecurity) पर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह प्रशिक्षण IIT कानपुर – नोएडा एक्सटेंशन सेंटर में आयोजित हुआ।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के समुद्री और बंदरगाह क्षेत्र में साइबर सुरक्षा की तैयारियों को मजबूत करना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े उभरते साइबर खतरों से निपटने की क्षमता विकसित करना था। प्रशिक्षण के दौरान नियामक एवं अनुपालन आवश्यकताओं, सोशल मीडिया खतरा विश्लेषण और डार्क वेब स्टडी, ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) जांच और संदिग्ध प्रोफाइलिंग, डिजिटल फॉरेंसिक्स और घटना प्रतिक्रिया (DFIR), नेटवर्क सुरक्षा आंकलन तथा क्लाउड सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक (आईटी) डॉ. अरविंद भिसिकर, IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल, राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC), NTRO इकाई के श्री अखिलेश वरियार, आईपीएस, तथा C3iHub की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनिमा हाजरा की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने समुद्री क्षेत्र के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा, तकनीकी सत्रों का संचालन TCIL से श्री ओमप्रकाश मिश्रा तथा SAP से श्री दीपांशु पाराशर, श्री युगल पाठक और श्री प्रशांत के. ने किया, जिन्होंने उद्योग के दृष्टिकोण से व्यावहारिक अनुभव साझा किया। C3iHub की ओर से मुख्य रणनीति अधिकारी डॉ. आनंद हांडा, कमांडर (सेवानिवृत्त) भीम रेड्डी, श्री धीरज दीक्षित (CISM) और श्री राहुल शुक्ला भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम में सक्रिय योगदान दिया। इस प्रकार की पहलों के माध्यम से C3iHub, IIT कानपुर महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा क्षमता निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे भारत की डिजिटल विश्वसनीयता और समुद्री सुरक्षा को मजबूती मिल रही है। आईआईटी कानपुर के बारे में 1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है। |
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