साथी (SATHEE) द्वारा बिहार सरकार के बीसी एवं ईबीसी कल्याण विभाग संचालित ओबीसी बालिका आवासीय +2 उच्च विद्यालयों के शिक्षकों के लिए AI-समर्थित शैक्षिक उपकरणों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

 

   

कानपुर/पटना, 20 अप्रैल 2026: SATHEE प्लेटफ़ॉर्म के तहत हाल ही में एक दो-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया, जिसका आयोजन बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD) और बीसी एवं ईबीसी कल्याण विभाग के सहयोग से किया गया। यह कार्यक्रम बिहार के 39 ओबीसी बालिका आवासीय +2 विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें कुल 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 29 महिलाएं शामिल थीं।




कार्यशाला का उद्घाटन श्री चेत नारायण राय (निदेशक, BIPARD), श्री अनिल कुमार ठाकुर (अपर सचिव, बीसी एवं ईबीसी कल्याण विभाग) तथा सुश्री प्राची गर्ग (एडटेक निदेशक, साथी (SATHEE), आईआईटी कानपुर) द्वारा किया गया।


कार्यशाला के दौरान SATHEE टीम ने प्लेटफॉर्म का विस्तृत परिचय दिया और इसके AI-समर्थित शैक्षिक उपकरणों का प्रदर्शन किया, जिन्हें शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर करने के लिए विकसित किया गया है। प्रस्तुत प्रमुख विशेषताओं में व्यक्तिगत शिक्षण सहयोग एवं अध्ययन योजना, AI-आधारित दृश्य समस्या-समाधान उपकरण, शंका समाधान प्रणाली, प्रदर्शन विश्लेषण, अनुकूलनशील अभ्यास मॉड्यूल, विषय-वार शिक्षण सुझाव, तथा सीखने की कमियों की पहचान कर विद्यार्थियों की तैयारी को बेहतर बनाने वाले स्मार्ट डिजिटल टूल शामिल थे। शिक्षकों को यह भी बताया गया कि SATHEE को दैनिक कक्षा शिक्षण में प्रभावी रूप से कैसे शामिल किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थियों की सहभागिता और सीखने के परिणामबेहतर हो।



कार्यशाला का एक प्रमुख आकर्षण SATHEE प्लेटफ़ॉर्म का शिक्षक डैशबोर्ड रहा, जो शिक्षकों को छात्रों के प्रदर्शन को ट्रैक करने, उनकी कमजोरियों की पहचान करने और डेटा आधारित शिक्षण रणनीतियां अपनाने में मदद करता है।


कार्यक्रम में भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीवविज्ञान (PCMB) विषयों में शिक्षकों के ज्ञान को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। SATHEE प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध IIT के शिक्षकों के व्याख्यानों के माध्यम से यह प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, BIPARD के कंप्यूटर लैब में व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को प्लेटफ़ॉर्म का सीधे उपयोग करने का अनुभव मिला।


कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को आईआईटी कानपुर द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। 70 प्रतिभागियों में से 29 महिलाओं की भागीदारी इस कार्यक्रम में महिलाओं की बढ़ती सहभागिता को दर्शाती है।


यह कार्यशाला बिहार के आवासीय विद्यालयों में AI आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने और शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


आईआईटी कानपुर के बारे में


1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।

 

 

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