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नोएडा/कानपुर, 24 फरवरी 2026: फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड रिसर्च इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (FIRST), आईआईटी कानपुर को उसके इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) के माध्यम से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की योजना RKVY-RAFTAAR (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना – रिम्यूनरेटिव अप्रोचेस फॉर एग्रीकल्चर एंड एलाइड सेक्टर रीजुवनेशन) का नॉलेज पार्टनर नियुक्त किया गया है। इसकी औपचारिक घोषणा आईआईटी कानपुर के नोएडा आउटरीच सेंटर में आयोजित लॉन्च और स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, आईएएस ने मुख्य अतिथि के रूप में की।
फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड रिसर्च इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (FIRST), आईआईटी कानपुर, आईआईटी कानपुर के सीईओ डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री ने स्वागत सम्बोधन दिया और औपचारिक रूप से समझौता ज्ञापन (MoU) की घोषणा की। फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड रिसर्च इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (FIRST) की महाप्रबंधक सुश्री सुरभि अवस्थी ने RKVY-RAFTAAR की रूपरेखा और उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। नॉलेज पार्टनर के रूप में FIRST आईआईटी कानपुर देशभर में कृषि स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, उन्हें मार्गदर्शन देने, फंडिंग से जोड़ने और RKVY एग्री-बिजनेस इनक्यूबेटर्स (RABIs) के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस साझेदारी का उद्देश्य प्रिसिजन फार्मिंग, एग्री-बायोटेक, पोस्ट-हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी और अन्य कृषि क्षेत्रों में नवाचार को मजबूत करना है, ताकि कृषि क्षेत्र में नए और प्रभावी समाधान विकसित हो सकें। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव, श्री देवेश चतुर्वेदी, आईएएस ने कहा, “FIRST, आईआईटी कानपुर अपनी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि और सशक्त इनोवेशन इकोसिस्टम के साथ RKVY-RAFTAAR को नई गति देगा। यह साझेदारी कृषि उद्यमिता को तेज करेगी और देश के किसानों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी।” कानपुर के आयुक्त और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति श्री के. विजयेंद्र पांडियन, आईएएस ने विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और स्टार्टअप के बीच मजबूत संबंध भारत की कृषि नवाचार प्रणाली को और मजबूत बनाएंगे। NABARD क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के मुख्य महाप्रबंधक श्री पंकज कुमार ने विशेष संबोधन में कहा कि नाबार्ड कृषि नवाचार और RKVY-RAFTAAR से जुड़े स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। FIRST आईआईटी कानपुर के सीईओ, डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री ने कहा, “कृषि भारत की रीढ़ है और एग्रीटेक नवाचार इसे अधिक उत्पादक और मजबूत बना सकता है। हम आईआईटी कानपुर के दो दशकों के डीप-टेक इनक्यूबेशन अनुभव को कृषि क्षेत्र के विकास में लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एग्री-स्टार्टअप शोकेस रहा, जिसमें आईआईटी कानपुर के इनोवेशन इकोसिस्टम से जुड़े स्टार्टअप्स – ScaNxt, Fruvetech, Regenerix F2DF – किसान की Online दुकान और OpenSpectrum AI – ने अपने समाधान प्रस्तुत किए। इन स्टार्टअप्स ने प्रिसिजन एग्रीकल्चर, पोस्ट-हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी और ग्रामीण सप्लाई चेन से जुड़े नए विचारों को साझा किया। इन प्रस्तुतियों को नीति निर्माताओं और अन्य अतिथियों ने सराहा। कार्यक्रम का समापन FIRST आईआईटी कानपुर के सीओओ श्री पियूष मिश्रा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके बाद ओपन हाउस चर्चा और नेटवर्किंग लंच का आयोजन किया गया। RKVY-RAFTAAR के बारे में RKVY-RAFTAAR कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। SIIC, आईआईटी कानपुर के बारे में स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC), आईआईटी कानपुर की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। यह भारत के सबसे शुरुआती और सबसे बड़े प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटरों में से एक है, जिसके पास 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वर्तमान में 500 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दे रहा है। एसआईआईसी रक्षा, एयरोस्पेस, फिनटेक, स्वास्थ्य और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देता है। यह केंद्र फाउंडेशन फॉर रिसर्च एंड इनोवेशन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (FIRST) के अंतर्गत कार्यरत है, जो आईआईटी कानपुर द्वारा प्रोत्साहित एक गैर-लाभकारी संस्था है। आईआईटी कानपुर के बारे में 1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, IIT कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, IIT कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है। |
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