सीडीएपी, आईआईटी कानपुर ने राष्ट्रीय पैरा खेल महोत्सव “संगम 2026” में दिया शानदार प्रदर्शन

 

   

कानपुर, 23 जनवरी 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) के दिव्यांग प्रकोष्ठ (सीडीएपी) ने राष्ट्रीय पैरा खेल महोत्सव “संगम 2026” में भाग लिया। यह प्रतियोगिता 17 और 18 जनवरी 2026 को आईआईटी दिल्ली में आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए 350 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।



इस प्रतियोगिता में आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी मद्रास, आईआईटी रुड़की, आईआईटी गांधीनगर, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी कानपुर, IGNOU और दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के खिलाड़ी शामिल थे।


आईआईटी कानपुर के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए संस्थान का नाम रोशन किया। खिलाड़ियों की मेहनत, आत्मविश्वास और खेल भावना की पूरे आयोजन में सराहना की गई।


पुरस्कार वितरण समारोह में प्रसिद्ध पैरा एथलीट एवं अर्जुन पुरस्कार विजेता श्री शरद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और कार्यक्रम को विशेष बना दिया।


आईआईटी कानपुर के छात्रों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। क्रिकेट प्रतियोगिता में आईआईटी कानपुर की टीम ने फाइनल मुकाबला जीतकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। इस दौरान अब्दुल अनस बेग को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया, जबकि टीम का नेतृत्व आयुष प्रियदर्शी ने कप्तान के रूप में किया।


एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी आईआईटी कानपुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। श्रेणी 1 में गौरव स्वर्णकार ने स्वर्ण पदक और आदित्य प्रकाश ने रजत पदक जीता। वहीं श्रेणी 2 में अमन कुमार ने स्वर्ण पदक तथा मुन्ना कुमार ने रजत पदक प्राप्त कर संस्थान को गौरवान्वित किया।


इसके अलावा बैडमिंटन प्रतियोगिता में भी आईआईटी कानपुर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। श्रेणी 1 में दक्ष पंवार, श्रेणी 2 में अब्दुल अनस बेग, और श्रेणी 3 में वुप्पुलम प्रज्वल ने रजत पदक जीतकर संस्थान का नाम रोशन किया।


संगम 2026 में आईआईटी कानपुर दल के सराहनीय प्रदर्शन से समावेशी खेलों, सशक्तिकरण तथा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समान अवसरों के प्रति संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।

सीडीएपी (CDAP), आईआईटी कानपुर दिव्यांग विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, सुगम्यता को बढ़ावा देने तथा उन्हें राष्ट्रीय मंचों पर सहभागिता का अवसर प्रदान कर उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के अपने मिशन के प्रति दृढ़ संकल्पित है।


आईआईटी कानपुर के बारे में


1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, IIT कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, IIT कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।

 

 

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