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कानपुर, 21 मई, 2026: आईआईटी कानपुर की शैक्षणिक एवं करियर परिषद (पीजी) ने केंद्रीय विद्यालय (केवी) आईआईटी कानपुर और विज्ञान भारती (विभा) ब्रह्मावर्त प्रांत के सहयोग से, "भारत क्लाइमेट सत्याग्रह यात्रा" के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
"भारत के सोलर मैन" (Solar Man of India) और प्रसिद्ध पर्यावरणविद् प्रो. चेतन सिंह सोलंकी के नेतृत्व में, यह 100-दिवसीय देशव्यापी आंदोलन 51 शहरों में 5,800 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य नागरिकों को जलवायु जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना और हमारे सीमित संसाधनों वाले ग्रह पर अत्यधिक खपत के गंभीर प्रभावों से निपटने के लिए "सीमित जीवन संकल्प" (Finite Living Pledge) लेने के लिए प्रेरित करना है। आईआईटी कानपुर का यह आयोजन इस राष्ट्रीय मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण स्थानीय केंद्र के रूप में कार्य करते हुए तत्काल जलवायु कार्रवाई और स्थायी ऊर्जा प्रथाओं पर केंद्रित रहा। इस विशेष पहल का आयोजन शैक्षणिक एवं करियर परिषद (पीजी) के महासचिव, अनिमेष कुमार सोनी के कुशल नेतृत्व में किया। अपने समर्पित टीम सदस्यों, आशुतोष देशवाल, एएनसी (AnC) पीजी के पूर्व महासचिव अमन शुक्ला और पूरी टीम के साथ मिलकर, उन्होंने इस महत्वपूर्ण जलवायु जागरूकता कार्यशाला को परिसर के समुदाय तक लाने के लिए शैक्षणिक निकायों और बाहरी भागीदारों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक स्वागत और दीप प्रज्वलन समारोह के साथ हुआ, जिसके बाद प्रो. सोलंकी और यात्रा के मिशन का औपचारिक परिचय दिया गया। उपस्थित जनों को आईआईटी कानपुर के प्रो. एस.एस.के. अय्यर, विभा (VIBHA) के संयुक्त सचिव श्री शिवम त्रिवेदी और केवी (KV) स्कूल आईआईटीके के प्राचार्य श्री रवीश चंद्र पांडे सहित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने संबोधित किया।
के. वी स्कूल की टीम, जिसमें विशेष रूप से सहाना रिज़वी शामिल थीं, ने भी इस आयोजन में एक महत्वपूर्ण सहयोगी भूमिका निभाई। छात्रों ने विचारोत्तेजक संवादों और संवादात्मक प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया,और इस बात पर गहराई से चर्चा की कि कैसे जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी प्रकृति की रक्षा और जलवायु चुनौतियों से निपटने की दिशा में सकारात्मक सामाजिक प्रभाव पैदा कर सकती है। एएनसी (AnC) परिषद पीजी टीम ने इस सत्र में शामिल हुए सभी सदस्यों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन ने लोगों को प्रकृति की रक्षा करने और जलवायु जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करने की आईआईटी कानपुर की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया, जिससे छात्रों को अधिक टिकाऊ और जिम्मेदार समाज में योगदान करने के लिए नवीन तरीके खोजने की प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रो. चेतन सिंह सोलंकी द्वारा संचालित 150 मिनट की गहन कार्यशाला रही, जिसने उपस्थित लोगों को जलवायु शमन (Climate Migitation) और ऊर्जा संरक्षण रणनीतियों के बारे में गहरी जानकारी प्रदान की। उनके सत्र के बाद, पर्यावरण जागरूकता में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए छात्र जिमखाना, आईआईटी कानपुर की एएनसी (AnC) परिषद के संकाय सलाहकार (Faculty Advisor) प्रो. राघवेंद्र कुमार चौधरी और पीजी महासचिव श्री अनिमेष कुमार सोनी और विभा (VIBHA), कानपुर महानगर के संयोजक श्री योगेश आर.जी. सिंह द्वारा प्रो. सोलंकी को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक समापन विभा (VIBHA) के आयोजन सचिव श्री कौस्तुभ ओमर द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने संपूर्ण सहयोगी टीम के उत्कृष्ट संगठनात्मक प्रयासों की बहुक प्रशंसा की।
आईआईटी कानपुर के बारे में
1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है। |
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