आईआईटी कानपुर में वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी में सजे रंग-बिरंगे फूलों का मनमोहक प्रदर्शन

 

   

कानपुर, 24 फरवरी 2026: प्रकृति और सामुदायिक सहभागिता की अपनी समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) ने संस्थान की नर्सरी में वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी में रंग-बिरंगे फूलों, पत्तियों और सजावटी पौधों की आकर्षक झलक देखने को मिली। प्रदर्शनी का उद्घाटन आईआईटी कानपुर के उपनिदेशक प्रो. ब्रज भूषण ने किया। इस अवसर पर फ्लावर शो समिति के अध्यक्ष प्रो. अर्घ्य दास, समिति सदस्य श्री वी.के. तिवारी (एसई, आईडब्ल्यूडी) तथा श्री सतीश के. सिंह (सचिव) भी उपस्थित रहे।



प्रदर्शनी को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया था—पहली श्रेणी में संस्थान के आवासीय परिसरों के घरों से लगाए गए पौधे शामिल थे, जबकि दूसरी श्रेणी में छात्रावासों, निदेशक आवास और अतिथि गृह से प्रविष्टियां शामिल थीं। आवासीय श्रेणी में लगभग 1,026 गमले विभिन्न वर्गों में प्रदर्शित किए गए, जो संकाय और कर्मचारियों के उत्साह और बागवानी कौशल को दर्शाते हैं। इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रो. प्रदीप स्वर्णाकर को, द्वितीय पुरस्कार प्रो. एन. नीलाकांतन को तथा तृतीय पुरस्कार प्रो. जे. जी. राव को प्रदान किया गया।


दूसरी श्रेणी में 2,000 से अधिक गमलों का प्रदर्शन किया गया। इस श्रेणी में निदेशक आवास ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि छात्रावास संख्या 12 द्वितीय और छात्रावास संख्या 13 तृतीय स्थान पर रहा। प्रदर्शनी का मूल्यांकन चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के सेवानिवृत्त प्रोफेसरों द्वारा किया गया, जिससे निष्पक्ष और विशेषज्ञ आकलन सुनिश्चित हुआ।


आईआईटी कानपुर की नर्सरी में कल्पवृक्ष, कपूर, रुद्राक्ष और विक्षा जैसे विशेष वृक्षों के साथ-साथ एक सुव्यवस्थित औषधीय उद्यान भी है, जिसमें सर्पगंधा, अश्वगंधा, शतावरी, कपूर तुलसी और डामवेल जैसे औषधीय पौधे लगाए गए हैं। प्रदर्शनी में लगभग 210 प्रजातियों के फूलों और पत्तेदार पौधों के साथ-साथ कट फ्लावर, सब्जियां और फल भी प्रदर्शित किए गए। प्रमुख फूलों में पैंसी, रेननक्युलस, डॉग फ्लावर, वर्बेना और प्रिमुला शामिल रहे, जिन्होंने प्रदर्शनी को और अधिक आकर्षक बना दिया।


कार्यक्रम को और भी उत्सवमय बनाने के लिए आईआईटी कानपुर की महिला संघ ने एक विशेष मेले का आयोजन किया, जिसमें जादू का प्रदर्शन और बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता शामिल थी। इसने परिवारों और आगंतुकों के लिए कार्यक्रम को यादगार बना दिया।


वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी ने एक बार फिर आईआईटी कानपुर की पर्यावरण जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और प्राकृतिक सौंदर्य के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।


आईआईटी कानपुर के बारे में


1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, IIT कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, IIT कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।

 

 

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