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एडवांस्ड सेंटर फॉर मैटेरियल्स साइंस (ACMS), आईआईटी कानपुर ने Applied Materials India के सहयोग से “ड्राइविंग सेमीकंडक्टर ग्रोथ थ्रू डिजिटल इनोवेशन” विषय पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का किया आयोजन

ACMS-Workshop

एडवांस्ड सेंटर फॉर मैटेरियल्स साइंस (ACMS), आईआईटी कानपुर ने Applied Materials India के सहयोग से “ड्राइविंग सेमीकंडक्टर ग्रोथ थ्रू डिजिटल इनोवेशन” विषय पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का किया आयोजन

Kanpur , 11 February 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर, 11 फरवरी 2026: एडवांस्ड सेंटर फॉर मैटेरियल्स साइंस (ACMS), आईआईटी कानपुर ने हाल ही में, Applied Materials India के साथ मिलकर, हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला के दौरान Applied Materials ने अपना आधारभूत सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क AppliedTwin™ प्रस्तुत किया, जो सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों और प्रक्रियाओं के मॉडलिंग तथा अनुकूलन के लिए विकसित एक उन्नत डिजिटल ट्विन समाधान है। Applied Materials के अतिथि विशेषज्ञों ने सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया और प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्यूटोरियल के माध्यम से मार्गदर्शन दिया।

प्रतिभागियों को मल्टी-फिजिक्स आधारित सॉफ्टवेयर सूट पर काम करने का अवसर मिला, जिसके जरिए उन्होंने थर्मल केमिकल वेपर डिपोजिशन (CVD), प्लाज़्मा एन्हांस्ड केमिकल वेपर डिपोजिशन (PECVD) और एचिंग प्रक्रियाओं का सिमुलेशन किया तथा विभिन्न पैरामीटरों के प्रभाव को समझा।

Applied Materials का यह सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क आईआईटी कानपुर में एक शैक्षणिक उपकरण के रूप में भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन के सैद्धांतिक पहलुओं और वास्तविक फैब्रिकेशन वर्कफ्लो के बीच की दूरी को प्रक्रियाओं और नियंत्रण के वर्चुअलाइजेशन के माध्यम से कम किया जा सके।

कार्यशाला का उद्घाटन आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों और अतिथियों का स्वागत करते हुए सेमीकंडक्टर निर्माण में कौशल विकास के लिए Applied Materials और आईआईटी कानपुर के सहयोग की सराहना की।

उद्घाटन समारोह में प्रो. तरुण गुप्ता, डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, आईआईटी कानपुर; प्रो. कांतेश बलानी, विभागाध्यक्ष, मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग; तथा विभिन्न विभागों के आमंत्रित संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।

प्रो. अनिश उपाध्याय (विभागाध्यक्ष, ACMS) ने “करके सीखने (learning by doing)” के महत्व पर जोर दिया, जो ACMS द्वारा आयोजित विभिन्न सामग्री चरित्रांकन तकनीकों पर आधारित कार्यशालाओं की परम्परा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

इस कार्यशाला में आईआईटी कानपुर, एचबीटीयू कानपुर तथा अन्य संस्थानों से आए 120 से अधिक प्रतिभागियों — जिनमें संकाय सदस्य, कर्मचारी और छात्र (यूजी एवं पीजी) शामिल थे — ने भाग लिया। मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की प्रो. मोनिका कटियार और प्रो. अंशु गौड़ ने सेमीकंडक्टर चिप निर्माण की प्रक्रियाओं और उसमें प्लाज़्मा की भूमिका पर प्रारंभिक व्याख्यान दिए, जिससे प्रतिभागियों को चिप निर्माण में प्रयुक्त प्रक्रियाओं की बेहतर समझ के साथ सिमुलेशन टूल्स का उपयोग करने में सहायता मिली।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, IIT कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, IIT कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।