भारतीय सेना के उप सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह का आईआईटी कानपुर दौरा
Kanpur , 10 February 2026
Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur
कानपुर, 9 फरवरी 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) को भारतीय सेना के उप सेनाध्यक्ष (Vice Chief of Army Staff), लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह की 09 फरवरी 2026 को संस्थान परिसर में मेजबानी करने का गौरव प्राप्त हुआ।
कैंपस आगमन पर उप सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल सिंह का स्वागत आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल, डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. तरुण गुप्ता तथा नोडल फैकल्टी प्रभारी प्रो. कांतेश बालानी, के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं में भारतीय सेना में तकनीक-आधारित आधुनिकीकरण के लिए आईआईटी कानपुर और भारतीय सेना के बीच संयुक्त सहभागिता की आवश्यकता पर विशेष ज़ोर दिया गया।
प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने इस प्रकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, ऑटोनोमस सिस्टम्स और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसी उभरती तकनीकें सैन्य संचालन के तरीकों को तेजी से बदल रही हैं, जिससे रक्षा तकनीकों का आधुनिकीकरण आवश्यक हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईटी कानपुर AI, साइबर सुरक्षा और मानव-रहित ऑटोनोमस सिस्टम्स जैसे क्षेत्रों में अग्रणी अनुसंधान कर रहा है और वास्तविक सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप नवोन्मेषी समाधान प्रदान करने में सक्षम है।
अपने दौरे के दौरान उप सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के अंतर्गत प्रो. अभिषेक के नेतृत्व में संचालित हेलीकॉप्टर एवं वीटीओएल (VTOL) प्रयोगशाला तथा प्रो. सुभ्रमण्यम साडेरला के नेतृत्व में यूएवी (UAV) प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्हें आईआईटी कानपुर द्वारा ड्रोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में की गई प्रगति से अवगत कराया गया। उन्होंने C3iHub का भी दौरा किया, जहाँ C3iHub, आईआईटी कानपुर के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. रस द्विवेदी तथा मुख्य रणनीति अधिकारी डॉ. आनंद हांडा के साथ मिलकर नवीनतम साइबर सुरक्षा विकासों पर चर्चा की।
उप सेनाध्यक्ष ने विशिष्ट प्रौद्योगिकियों के विकास की दिशा में आईआईटी कानपुर द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय सेना और आईआईटी कानपुर के बीच बढ़ती सहभागिता निकट भविष्य में अत्याधुनिक स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
यह दौरा राष्ट्रीय रक्षा नवाचार के क्षेत्र में आईआईटी कानपुर के बढ़ते योगदान को रेखांकित करते हुए भारतीय सेना के साथ गहन एवं सुदृढ़ सहयोग की नई संभावनाओं को सामने लाता है।
आईआईटी कानपुर के बारे में
1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, IIT कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, IIT कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।