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भा.प्रौ.सं.कानपुर
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  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर और पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिष्ठित चेयर स्थापित करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर और पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिष्ठित चेयर स्थापित करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर और पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिष्ठित चेयर स्थापित करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए

Kanpur , 20 March 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर, 19 मार्च 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) और पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PFI) ने पावर सेक्टर विनियमन एवं नीति के क्षेत्र में PFI विशिष्ट चेयर प्रोफेसरशिप स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में विनियमन और नीति के क्षेत्र में शिक्षण, अनुसंधान और नेतृत्व में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है, साथ ही अकादमिक जगत, नीति-निर्माताओं और उद्योग हितधारकों के बीच गहन सहयोग को बढ़ावा देना है।

इस MoU पर हस्ताक्षर श्री अंशुमान श्रीवास्तव (कार्यकारी निदेशक, PFI), तथा प्रो. राजा अंगमुथु, (एसोसिएट डीन (अनुसंधान एवं विकास) एवं वर्तमान में कार्यवाहक डीन, संसाधन एवं पूर्व छात्र कार्यालय, आईआईटी कानपुर) द्वारा किए गए। इस अवसर पर श्री हिमांशु चावला (प्रमुख (नियामक एवं अनुसंधान), PFI), तथा सुश्री निधि वर्मा (सहायक कुलसचिव, डीन संसाधन एवं पूर्व छात्र कार्यालय) उपस्थित रहे।

वहीं, प्रो. राजा अंगमुथु ने कहा कि यह समझौता आईआईटी कानपुर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे ऊर्जा क्षेत्र में संस्थान की भागीदारी और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि यह चेयर प्रोफेसरशिप अनुसंधान, शिक्षा और नीति निर्माण के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में सहायक होगी।

अपने विचार साझा करते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि PFI, आईआईटी कानपुर के साथ साझेदारी करके प्रसन्न है और उन्हें विश्वास है कि यह पहल ऊर्जा क्षेत्र की नीति से संबंधित अनुसंधान को सुदृढ़ करेगी तथा बेहतर निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को समर्थन प्रदान करेगी।

यह सहयोग अकादमिक जगत और उद्योग, विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के बीच नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए प्रभावी और सतत समाधान विकसित किए जा सकेंगे।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।