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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर द्वारा मुख्य अभियंता, सेंट्रल कमांड मुख्यालय के साथ निर्माण प्रबंधन में क्षमता निर्माण हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर द्वारा मुख्य अभियंता, सेंट्रल कमांड मुख्यालय के साथ निर्माण प्रबंधन में क्षमता निर्माण हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

Lucknow/Kanpur , 19 March 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

लखनऊ/कानपुर, 19 मार्च, 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने क्षमता निर्माण और व्यावसायिक उत्कृष्टता पर अपने निरंतर फोकस के अनुरूप मुख्य अभियंता, सेंट्रल कमांड मुख्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य उनके अधिकारियों की तकनीकी एवं प्रबंधकीय क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। यह सहयोग भारतीय सेना की संस्थागत विकास के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और विकसित हो रही तकनीकी एवं परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप भविष्य-उन्मुख, सतत, सुदृढ़ और मिशन-उन्मुख परिचालन अवसंरचना के निर्माण को भी सशक्त करता है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के इस पहल के अंतर्गत एक विशेषीकृत पाठ्यक्रम, जिसका शीर्षक “Construction Management: Quality, Contracts and Arbitration” है, इस माह के अंत में प्रारंभ किया जाएगा। यह कार्यक्रम गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों, आधुनिक अनुबंध प्रबंधन प्रक्रियाओं तथा प्रभावी विवाद समाधान तंत्रों पर संरचित शिक्षण और व्यावहारिक समझ प्रदान करेगा, जो परिचालन अवसंरचना परियोजनाओं के कुशल क्रियान्वयन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

आईआईटी, कानपुर के इस सहयोग के माध्यम से अधिकारियों को समकालीन कार्यप्रणालियों, सर्वोत्तम प्रथाओं और शैक्षणिक विशेषज्ञता का अनुभव प्राप्त होगा। निर्माण परियोजनाओं की बढ़ती जटिलता तथा गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही के उच्च मानकों की आवश्यकता को देखते हुए यह पहल विशेष महत्व रखती है, जिससे अधिकारी परिचालन अवसंरचना से संबंधित परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और प्रबंधन को अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।

इस कार्यक्रम से तकनीकी दक्षता और विषयगत ज्ञान में वृद्धि, निर्माण प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं का संस्थानीकरण, अनुबंध प्रशासन एवं मध्यस्थता क्षमताओं को सुदृढ़ करना, गुणवत्ता आश्वासन के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार, तथा परिचालन अवसंरचना की समयबद्ध और कुशल आपूर्ति सुनिश्चित होने की अपेक्षा है।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।