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आईआईटी कानपुर में इंटर आईआईटी कल्चरल मीट 8.0 का सफल समापन: रचनात्मकता, प्रतिस्पर्धा और सांस्कृतिक एकता का भव्य उत्सव

Inter-IIT-Cultural-Meet-2025-Concludes

आईआईटी कानपुर में इंटर आईआईटी कल्चरल मीट 8.0 का सफल समापन: रचनात्मकता, प्रतिस्पर्धा और सांस्कृतिक एकता का भव्य उत्सव

Kanpur , 27 December 2025

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर, 27 दिसंबर 2025: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में आयोजित इंटर आईआईटी कल्चरल मीट 8.0 (IICM 8.0) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह सांस्कृतिक महोत्सव देश भर के 23 आईआईटी संस्थानों के छात्र-छात्राओं को एक मंच पर लेकर आया और रचनात्मकता, अभिव्यक्ति तथा आपसी एकता का भव्य उत्सव बना। महोत्सव का शुभारंभ 23 दिसंबर को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुआ, जिसने पांच दिनों तक चलने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों की सशक्त शुरुआत की।

उद्घाटन समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसने महोत्सव को एक शुभ और पारंपरिक स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पद्म श्री से सम्मानित एवं प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका डॉ. सोमा घोष तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. मणींद्र अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी कानपुर उपस्थित रहे। साथ ही प्रो. ब्रज भूषण (उप निदेशक), प्रो. प्रतीक सेन (अधिष्ठाता, छात्र मामले) और प्रो. सागर चक्रवर्ती (अध्यक्ष, सीएमएसी, आईआईटी कानपुर) ने अपने संबोधनों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सांस्कृतिक गतिविधियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। सुश्री कृतिका सिंह और सुश्री प्रियंका द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य ने समारोह को विशेष गरिमा और कलात्मक सौंदर्य प्रदान किया।

इसके बाद के दिनों में आईआईटी कानपुर परिसर एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र में परिवर्तित हो गया। दूसरे और तीसरे दिन प्रदर्शन कला, संगीत, रंगमंच, फिल्म, साहित्यिक एवं वक्तृत्व कला, ललित कला, क्विज़ और पाक कला से जुड़ी विविध प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। मंच और नुक्कड़ नाटक, लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग, कहानी लेखन, जस्ट-ए-मिनट (JAM) सत्र, लाइव स्केचिंग, कैनवास पेंटिंग और साइ-बिज-टेक तथा मेला क्विज़ जैसी गतिविधियों ने प्रतिभागियों और दर्शकों को समान रूप से आकर्षित किया। इस दौरान राही द बैंड की लाइव प्रस्तुति ने उत्सव के माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।

चौथे दिन में शास्त्रीय संगीत, रंगमंच, क्विज़, शब्द-क्रीड़ा और डिजिटल रचनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रमुख आकर्षणों में डॉ. गणेश शंकर द्वारा निर्णीत हिंदुस्तानी और कर्नाटक परंपराओं की शास्त्रीय एकल गायन प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं, वहीं मंच नाटक और माइम प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन श्री शेखर कांवत, श्री शिव प्रतीक, श्री वी. अनंथारमन और श्री अविजित सोम ने किया। स्पीकिंग आर्ट्स के अंतर्गत JAM और हिंदी स्लैम पोएट्री का निर्णयन सुश्री अर्जिता पार्थसारथी और श्री संदीप द्विवेदी ने किया। रणनीतिक क्विज़ आर्ट्स प्रतियोगिताएँ मेजर चंद्रकांत नायर द्वारा संचालित की गईं, स्क्रैबल का मूल्यांकन श्री हरविंदरजीत सिंह भाटिया और सुश्री गुरमीत कौर ने किया, जबकि फोटोशॉप बैटल का आकलन सुश्री कीर्ति वर्धन राठौर ने किया। इन सभी आयोजनों ने बौद्धिक क्षमता और कल्पनाशीलता—दोनों का शानदार प्रदर्शन किया। दिन का समापन कुंज सिंग्स की लाइव प्रस्तुति के साथ एक सुकून भरी और अनौपचारिक संध्या में हुआ।

पांचवां और अंतिम दिन इंटर आईआईटी कल्चरल मीट 8.0 का सबसे ऊर्जावान रहा जिसमे संगीत, नृत्य, साहित्य और रणनीति का अनूठा संगम देखने को मिला। म्यूज़िक आर्ट्स कप – सोलो सिंगिंग, जिसकी निर्णायक सुश्री नताशा क्लियोफास थीं, ने गायन कौशल और संगीतात्मकता को उजागर किया। वहीं श्री राहुल सिंह द्वारा निर्णीत डांस आर्ट्स कप – स्ट्रीट बैटल में डीजे पपेटियर के लाइव बीट्स पर फ्री-स्टाइल नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इंग्लिश पोएट्री स्लैम, जिसकी निर्णायक सुश्री अर्जिता पार्थसारथी थीं, में सशक्त अभिव्यक्ति देखने को मिली, वहीं क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड प्रतियोगिता, श्री श्रीकांत द्वारा परिकल्पित, ने प्रतिभागियों की भाषा-दक्षता और विश्लेषण क्षमता को परखा।

महोत्सव का भव्य समापन प्रो-नाइट के साथ हुआ, जहां डीजे पैरानॉक्स की शानदार प्रस्तुति के बाद ऑली एसे के ऊर्जावान लाइव परफॉर्मेंस ने पूरे वातावरण को रोमांच और उत्साह से भर दिया।

प्रतियोगिता, सीख और सांस्कृतिक सौहार्द का यह अनूठा संगम इंटर आईआईटी कल्चरल मीट 8.0 को केवल एक महोत्सव ही नहीं, बल्कि आईआईटी समुदाय की रचनात्मकता, सहयोग और युवा ऊर्जा का राष्ट्रीय उत्सव बनाकर यादगार बना गया।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।