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भा.प्रौ.सं.कानपुर

हैक आईआईटीके 2026 का ग्रैंड फिनाले आईआईटी कानपुर में शुरू; C3iHub ने स्वदेशी लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च किया

Inauguration Grand Finale of Hackathon 2026

हैक आईआईटीके 2026 का ग्रैंड फिनाले आईआईटी कानपुर में शुरू; C3iHub ने स्वदेशी लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च किया

Kanpur , 9 April 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर , 9 अप्रैल 2026: ऑल-इंडिया स्तर के साइबर सुरक्षा हैकाथॉन HACK IITK 2026 का बहुप्रतीक्षित ग्रैंड फिनाले, आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। C3iHub द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें देश भर के प्रतिभाशाली युवा डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों के समाधान पर काम कर रहे हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत एक उच्चस्तरीय उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें अकादमिक जगत और सरकार के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया और दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा तय की। इस अवसर पर भारत के महत्वपूर्ण डिजिटल स्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए स्वदेशी साइबर सुरक्षा समाधानों के महत्व पर जोर दिया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि श्री बिनोद कुमार सिंह , आईपीएस, महानिदेशक, साइबर क्राइम, उत्तर प्रदेश पुलिस थे। उन्होंने अपने संबोधन में बदलते साइबर खतरों के परिदृश्य और देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने में युवा नवाचारकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. गौरव गुप्ता , वैज्ञानिक ‘एफ’, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार, और श्री एम.सी. बालासुब्रमण्यम , सीएमडी, ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने सुरक्षित तकनीकी नवाचार और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उद्योग और शिक्षण संस्थानों के सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल, प्रो. सोमित्रा सनाध्य, प्रोग्राम डायरेक्टर, C3iHub, और सीईओ डॉ. तनीमा हाजरा भी उपस्थित रहे।

उद्घाटन सत्र के बाद कार्यक्रम में आमंत्रित व्याख्यान और पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। पहला आमंत्रित व्याख्यान आईआईटी कानपुर के प्रो. एमएकेपी सिंह द्वारा दिया गया। इसके बाद “टुवर्ड्स रेजिलिएंस: नीड ऑफ सिक्योर-बाय-डिज़ाइन इनोवेशन” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें सरकार और उद्योग के विशेषज्ञों ने सुरक्षित डिजिटल प्रणालियों के निर्माण पर विचार-विमर्श किया।

HACK IITK 2026 में नेटवर्क सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी, हार्डवेयर सुरक्षा, आईओटी सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक्स, ऑटोमोटिव सुरक्षा और साइबर क्राइम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस हैकाथॉन में दो प्रतियोगी ट्रैक—सॉल्यूशन ट्रैक और कैप्चर द फ्लैग ( CTF)—शामिल हैं, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक दुनिया की साइबर सुरक्षा चुनौतियों के समाधान खोजने का अवसर मिलता है।

सुबह के सत्र की एक प्रमुख झलक “टुवर्ड्स रेजिलिएंस: नीड ऑफ सिक्योर-बाय-डिज़ाइन इनोवेशन” विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय पैनल चर्चा रही। इस चर्चा का संचालन डॉ. रस द्विवेदी , सीटीओ, C3iHub, आईआईटी कानपुर ने किया। पैनल में डॉ. गौरव गुप्ता , वैज्ञानिक ‘एफ’, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा श्री निसर्ग आचार्य , हेड ऑफ बिजनेस एंड गो-टू-मार्केट, अदानी साइबर सिक्योरिटी शामिल थे। विशेषज्ञों ने पारंपरिक सुरक्षा उपायों से आगे बढ़कर “सिक्योर-बाय-डिज़ाइन” दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें सुरक्षा को शुरुआत से ही तकनीक का हिस्सा बनाया जाता है।

दोपहर के भोजन के बाद कार्यक्रम में प्रतियोगिता का चरण शुरू हुआ। सॉल्यूशन ट्रैक के फाइनलिस्ट टेक्नोपार्क ऑडिटोरियम में अपने प्रोटोटाइप प्रस्तुत करने पहुंचे, जहां उन्होंने वास्तविक साइबर सुरक्षा समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए। वहीं CTF (कैप्चर द फ्लैग) प्रतियोगिता दोपहर 3 बजे C3iHub के मल्टीपरपज़ हॉल में शुरू हुई, जिसमें एथिकल हैकर्स वास्तविक समय के वातावरण में कमजोरियों की पहचान करने और डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित बनाने की चुनौती में जुट गए।

ग्रैंड फिनाले अगले दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें मुख्य वक्तव्य, पैनल चर्चाएं, इंटरैक्टिव सत्र और अंतिम मूल्यांकन आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन समापन समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ होगा।

कार्यक्रम के दौरान एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में C3iHub, आईआईटी कानपुर ने अपना स्वदेशी लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम ( LMS) भी लॉन्च किया। यह डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मंच का अनावरण हैक-आईआईटीके के ग्रैंड फिनाले के दौरान किया गया, जो फ्लेक्सिबल, ट्रांसपेरेंट और प्रभावी डिजिटल शिक्षा के एक नए दौर की शुरुआत का संकेत है।

C3iHub की विशेषज्ञ टीम द्वारा विकसित यह LMS छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों को एक अधिक स्मार्ट और एकीकृत सीखने का अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। यह प्लेटफॉर्म “सिंपल, सिक्योर, स्केलेबल” सिद्धांत पर आधारित है और आधुनिक डिजिटल नवाचार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजबूत तकनीकी ढांचा प्रदान करता है। इसमें इंटरैक्टिव डैशबोर्ड, रियल-टाइम एनालिटिक्स, इंटीग्रेटेड अकादमिक कैलेंडर और प्रभावी कोर्स प्रबंधन जैसे फीचर शामिल हैं।

C3iHub LMS की प्रमुख विशेषताएं में पर्सनलाइज्ड स्टूडेंट डैशबोर्ड शामिल है, जिससे छात्र अपने कोर्स, असाइनमेंट और प्रगति को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। एडवांस्ड टाइम एनालिटिक्स छात्रों को अपनी पढ़ाई के पैटर्न को समझने और प्रदर्शन सुधारने में मदद करता है। कॉम्प्रिहेंसिव एडमिन कंट्रोल के माध्यम से कोर्स निर्माण, कंटेंट प्रबंधन और छात्र सहभागिता की निगरानी आसान हो जाती है। रियल-टाइम कंटेंट डिलीवरी से लेक्चर और अध्ययन सामग्री तुरंत उपलब्ध कराई जा सकती है। इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन टूल्स छात्रों, शिक्षकों और प्रशासकों के बीच सहज संवाद को संभव बनाते हैं, जबकि इंटीग्रेटेड अकादमिक कैलेंडर छात्रों को लेक्चर, क्विज़ या किसी भी महत्वपूर्ण समय-सीमा से चूकने नहीं देता।

इस अवसर पर C3iHub के सीएसओ डॉ. आनंद हांडा ने कहा, “डिजिटल नवाचार के दौर में शिक्षा को फ्लेक्सिबल, ट्रांसपेरेंट और प्रभावी होना चाहिए। हमारा स्वदेशी LMS केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं है, बल्कि यह सीखने और नेतृत्व करने के तरीके को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

यह LMS अब उन संस्थानों के लिए उपलब्ध है जो अपनी शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और डिजिटल बनाना चाहते हैं। अधिक जानकारी के लिए lms.c3ihub.iitk.ac.in/ पर देखा जा सकता है।

देश के प्रमुख विशेषज्ञों, नवाचारकों और उभरते साइबर सुरक्षा पेशेवरों को एक मंच पर लाकर HACK IITK 2026 न केवल उभरते डिजिटल खतरों के समाधान प्रस्तुत कर रहा है, बल्कि साइबर सुरक्षा नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आईआईटी कानपुर की अग्रणी भूमिका को भी मजबूत कर रहा है।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।