आईआईटी कानपुर के ई-समिट’25 में स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों का संगम
Kanpur , 4 February 2026
Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur
कानपुर, 04 फरवरी 2026: आईआईटी कानपुर के एंटरप्रेन्योरशिप सेल द्वारा आयोजित ई-समिट’25 तीन दिनों तक नवाचार, नेतृत्व और युवा ऊर्जा का संगम बना रहा। इस कार्यक्रम में देशभर से उद्योग विशेषज्ञ, कंटेंट क्रिएटर, नीति-निर्माता और उभरते उद्यमी शामिल हुए। “Aegis of Ascendence” थीम पर आधारित इस समिट का उद्देश्य चुनौतियों के बीच आगे बढ़ने, विकास करने और साहस के साथ नए अवसर बनाने की भावना को बढ़ावा देना था।
पहले दिन का उद्घाटन मुख्य सभागार में हुआ, जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता और उद्यमिता दृष्टि दोनों झलकती दिखीं। कार्यक्रम में पीएफआरडीए (PFRDA) की डिप्टी जनरल मैनेजर सुश्री पूजा उपाध्याय मुख्य अतिथि रहीं। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने संस्थान की नवाचार और प्रभाव-आधारित उद्यमिता के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। एंटरप्रेन्योरशिप सेल के फैकल्टी एडवाइजर प्रो. अंकुश शर्मा ने छात्र-नेतृत्व वाली पहलों की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि एसआईआईसी के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. दीपू फिलिप ने इन्क्यूबेशन और उद्योग सहयोग के महत्व को बताया। उद्घाटन के अंत में सुश्री पूजा उपाध्याय ने पीएफआरडीए हैकाथॉन की घोषणा की।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। Overlayy द्वारा संचालित गो-टू-मार्केट हैकाथॉन में प्रतिभागियों ने सीमित समय में अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने का प्रयास किया।
दूसरे दिन स्टार्टअप एक्सपो का उद्घाटन हुआ, जहां स्टार्टअप्स ने अपने नए समाधान प्रदर्शित किए और छात्रों व पेशेवरों से सीधे संवाद किया। डीप टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर इंडस्ट्री पैनल में QWR के मैनेजर श्री सर्वेश गुजराती ने एआई क्षेत्र की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की। इसके बाद FRND के सह-संस्थापक श्री हर्षवर्धन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म में भरोसे के महत्व पर बात की। युवा उद्यमी श्री प्रफुल्ल बिल्लोरे (MBA चायवाला) ने अपने प्रेरक अनुभव साझा किए।
क्रिएटर्स कॉन्क्लेव में श्री दीपक वाधवा, श्री विभु वर्षनेय और श्री यश प्रताप सिंह ने कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल प्रभाव और सतत व्यक्तिगत ब्रांडिंगपर चर्चा की। NPTEL और स्वयं प्रभा के सत्रों ने सुलभ शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया। डिक्रिप्ट, MUC और द अपस्टार्ट फिनाले जैसी प्रतियोगिताओं के अंतिम चरण आयोजित हुए। अपस्टार्ट फिनाले में वेंचर कैपिटलिस्ट्स और एंजेल इन्वेस्टर्स के एक प्रतिष्ठित पैनल द्वारा प्रतिभागियों का गहन मूल्यांकन किया गया। इस पैनल में सुश्री महिमा जिनाह किम (यूनिकॉर्न इनक्यूबेटर, कोरिया), श्री अभिषेक मलिक (टीएफ कैपिटल), श्री अशोक अग्रवाल (एंजेल इन्वेस्टर), श्री अंकित जैन (स्पॉटलाइट), श्री दिव्यम सालारपुरिया (कैंपस फंड), श्री अभिजीत भंडारी (एंजेल इन्वेस्टर), श्री अंकुर गुप्ता (सक्सीड वेंचर्स), श्री पुरु मोदानी (बीएम कैपिटल फैमिली हाउस), श्री क्रिश लिम्बानी (ग्रोएक्स) तथा सुश्री मोनिका पांडे (योरनेस्ट वेंचर कैपिटल) शामिल थे। वाईईसी (YEC) फिनाले में प्रतिभागियों की रणनीतिक सोच और क्रियान्वयन क्षमताओं की भी कड़ी परीक्षा ली गई। इसके अतिरिक्त, माइक्रोसॉफ्ट की सुश्री चेतना दास द्वारा आयोजित “प्रोडक्ट इन द एरा ऑफ एआई” तथा श्री दीपक वाधवा द्वारा प्रस्तुत “राइजिंग अबव द मार्केट्स” जैसे हैंड्स-ऑन कार्यशालाओं ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक उद्योग अनुभव प्रदान किया।
अंतिम दिन “ब्लूप्रिंट्स ऑफ असेंडेंस” पैनल में Paytm के सलाहकार श्री सौरभ जैन, पोर्टिया मेडिकल के सह-संस्थापक श्री वैभव तेवारी, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंस्यूमर इलेक्ट्रिकल्स के ग्रुप CFO एवं रणनीति प्रमुख, श्री कलीश्वरन और मिंत्रा की संस्थापक टीम के सदस्य श्री संकर बोरा ने बड़े स्तर चुनौतियों से निपटने के लिए अपने विचार साझा किए। सुश्री श्रद्धा खापरा का सत्र छात्रों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय रहा। गूगल द्वारा आयोजित कार्यशालाओं ने भी सीखने का अनुभव बढ़ाया। अपस्टार्ट कैंपस, बी एन एंजेल फिनाले, सेल योर सोल फिनाले और सीएम युवा सहित प्रमुख फ्लैगशिप प्रतियोगिताओं का इसी दिन समापन हुआ, जिसमें उद्यमिता उत्कृष्टता का उत्सव मनाया गया।
समिट का समापन ओपन एयर थिएटर में भव्य समापन समारोह के साथ हुआ, जिसमें EzSnippet के श्री नीरज वालिया ने युवाओं को बड़े सपने देखने और दृढ़ता से आगे बढ़ने का संदेश दिया। विचार नेतृत्व, प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और अनुभवात्मक सीख के माध्यम से ई-समिट 2025 ने आईआईटी कानपुर को भविष्य के मजबूत उद्यमियों को तैयार करने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में स्थापित किया।
आईआईटी कानपुर के बारे में
1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, IIT कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, IIT कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।