नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का आईआईटी कानपुर दौरा, डीप-टेक रक्षा स्टार्टअप्स के साथ किया संवाद
Kanpur , 3 February 2026
Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur
कानपुर, 3 फरवरी 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) को आज नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम की मेजबानी करने का गौरव प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के डीप-टेक नवाचार, अनुसंधान तथा रक्षा-संबंधी प्रौद्योगिकी विकास के सशक्त और गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र से संवाद किया।
एडमिरल त्रिपाठी का संस्थान में स्वागत प्रो. ब्रज भूषण, (उप निदेशक, आईआईटी कानपुर), प्रो. तरुण गुप्ता, (डीन, अनुसंधान एवं विकास), एयर मार्शल फिलिप थॉमस तथा प्रो. दीपु फिलिप (प्रोफेसर-इन-चार्ज (इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन)), स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर (SIIC) द्वारा किया गया।
नौसेना प्रमुख का स्वागत करते हुए आईआईटी कानपुर के उप निदेशक प्रो. ब्रज भूषण ने कहा, “आईआईटी कानपुर के लिए एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की मेजबानी करना तथा डीप-टेक नवाचार और रक्षा-उन्मुख अनुसंधान में संस्थान के बढ़ते योगदान को प्रदर्शित करना गर्व का विषय है। उनका यह दौरा स्वदेशी एवं मिशन-महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु शिक्षा जगत, स्टार्टअप्स और सशस्त्र बलों के बीच सशक्त सहयोग के महत्व को पुनः स्थापित करता है। भारत की रणनीतिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने वाले अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए हम निरंतर प्रतिबद्ध हैं।”
इसके पश्चात एडमिरल त्रिपाठी ने स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर (SIIC) का दौरा किया, जहाँ उनके साथ SIIC के मुख्य निवेश अधिकारी श्री अनुराग सिंह, मुख्य परिचालन अधिकारी एवं मुख्य वित्त अधिकारी श्री पीयूष मिश्रा तथा SIIC की नेतृत्व टीम उपस्थित रही। इस अवसर पर प्रो. दीपु फिलिप ने आईआईटी कानपुर की इन्क्यूबेशन, नवाचार और स्टार्टअप त्वरक (एक्सेलरेशन) रूपरेखा का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
इस अवसर पर प्रो. दीपु फिलिप ने कहा, “SIIC में हमारा उद्देश्य साहसिक विचारों को ऐसी उपयोग में लाई जा सकने वाली प्रौद्योगिकियों में परिवर्तित करना है, जो भारत की रणनीतिक तैयारी को सुदृढ़ करें। एडमिरल त्रिपाठी का हमारे नवप्रवर्तकों के साथ संवाद उन स्टार्टअप्स के लिए अमूल्य प्रोत्साहन है, जो देश के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपयोगी समाधान विकसित कर रहे हैं।”
इस दौरे के तहत SIIC द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें रक्षा एवं संबद्ध क्षेत्रों में कार्यरत 15 उच्च-प्रभावी डीप-टेक स्टार्टअप्स को प्रदर्शित किया गया। इनमें स्वायत्त प्रणालियाँ, साइबर सुरक्षा, सामग्री अभियांत्रिकी, ड्रोन तथा उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्र शामिल थे।
एडमिरल त्रिपाठी ने सभी सहभागी स्टार्टअप्स के साथ से संवाद किया और उनकी अत्याधुनिक नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आईआईटी कानपुर के इन्क्यूबेशन पारिस्थितिकी तंत्र से उभर रहे तकनीकी विकास की गुणवत्ता और गहराई की सराहना की।
नवप्रवर्तकों का उत्साहवर्धन करते हुए एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, “यहाँ प्रदर्शित नवाचार की भावना वास्तव में प्रेरणादायक है। आईआईटी कानपुर जैसे संस्थानों में विकसित प्रौद्योगिकियाँ हमारे देश के सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य को आकार देने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मैं इन स्टार्टअप्स से आग्रह करता हूँ कि वे नवाचार की सीमाओं को निरंतर आगे बढ़ाएँ और ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न में सार्थक योगदान दें, जहाँ भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो।”
स्टार्टअप प्रदर्शनी के पश्चात नौसेना प्रमुख ने आईआईटी कानपुर के विशेषीकृत साइबर सुरक्षा अनुसंधान केंद्र C3iHub का दौरा किया, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अवसंरचना तथा साइबर रक्षा से संबंधित चल रही पहलों की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने TechnoPark@IITK का भी भ्रमण किया, जो उद्योग–शिक्षा जगत के सहयोग और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को प्रोत्साहित करता है।
यह दौरा राष्ट्रीय रक्षा नवाचार में आईआईटी कानपुर की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है तथा भारतीय नौसेना के साथ और अधिक गहन सहयोग की संभावनाओं को उजागर करता है।
एडमिरल त्रिपाठी अपने सभी कार्यक्रमों के उपरांत संस्थान से प्रस्थान कर गए, और नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं एवं युवा उद्यमियों के बीच उत्साह और प्रेरणा का वातावरण छोड़ गए।
SIIC आईआईटी कानपुर के बारे में
स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर (SIIC), आईआईटी कानपुर, भारत के सबसे पुराने और सक्रिय प्रौद्योगिकी व्यवसाय इन्क्यूबेटरों में से एक है, जिसे अनुसंधान-आधारित और प्रौद्योगिकी-प्रेरित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। SIIC ने अब तक 500 से अधिक स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट किया है, जिनमें 100 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले उपक्रम शामिल हैं। ये स्टार्टअप्स सात प्रमुख क्षेत्रों—मेडटेक, क्लीनटेक/सोशलटेक/एमएसएमई, रक्षा, एआई/एमएल, आईओटी, साइबर सुरक्षा और फिनटेक—में कार्यरत हैं।
आईआईटी कानपुर के बारे में
1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, IIT कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, IIT कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।