आईआईटी कानपुर और बीएसएनएल ने स्वदेशी दूरसंचार, डी2एम प्रसारण, एआई और डिजिटल अवसंरचना प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक समझौता किया
Kanpur/New Delhi , 11 June 2026
Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur
कानपुर/नई दिल्ली, 11 जून 2026: भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) ने हाल ही में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अगली पीढ़ी की दूरसंचार और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, विकास, परीक्षण, कार्यान्वयन और व्यावसायीकरण के लिए दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करना है।
एमओयू पर आईआईटी कानपुर के निदेशक मणीन्द्र अग्रवाल और बीएसएनएल के पीजीएम श्री जितेंद्र गर्ग ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. अभय करंदीकर, बीएसएनएल आईटीएस के सीएमडी श्री ए. रॉबर्ट जे. रवि, बिसनौली सर्वोदय फाउंडेशन की सीईओ सुश्री नंदिता बख्शी, बीईएस (आई) के अध्यक्ष श्री सुनील सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और शोधकर्ता उपस्थित रहे।
यह साझेदारी आईआईटी कानपुर की विश्वस्तरीय शोध एवं नवाचार क्षमताओं को बीएसएनएल के देशव्यापी दूरसंचार नेटवर्क, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यापक परिचालन क्षमता के साथ जोड़ती है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी तकनीकों के विकास, परीक्षण, कार्यान्वयन और व्यावसायीकरण को गति देना है।
इस सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र डायरेक्ट-टू-मोबाइल (डी2एम) प्रसारण तकनीक होगा, जिसमें आईआईटी कानपुर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डी2एम तकनीक के माध्यम से मोबाइल फोन पर मल्टीमीडिया सामग्री सीधे प्रसारित की जा सकती है, जिसके लिए पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क पर पूरी तरह निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होती। यह तकनीक देशभर में करोड़ों लोगों तक शैक्षणिक सामग्री, जनहित सूचनाएं, आपदा प्रबंधन संबंधी संदेश और आपातकालीन चेतावनियां पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
यह सहयोग 4जी/5जी और भविष्य की संचार तकनीकों, भारतनेट आधारित डिजिटल अनुप्रयोगों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित दूरसंचार विश्लेषण, डी2एम प्रसारण तकनीक, साइबर सुरक्षा, स्वदेशी संचार प्रणालियों, क्लाउड एवं एज कंप्यूटिंग, जीपीयू/एचपीसी आधारित कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म, उन्नत वायरलेस तकनीकों, स्मार्ट अवसंरचना समाधानों, सुरक्षित डेटा संचार प्रणालियों, दूरसंचार अवसंरचना के बेहतर उपयोग, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तथा अन्य उभरती तकनीकों पर केंद्रित होगा।
बीएसएनएल और आईआईटी कानपुर मिलकर अनुसंधान, स्वदेशी तकनीक विकास, पायलट परियोजनाओं, प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (पीओसी), फील्ड ट्रायल, परीक्षण एवं सत्यापन ढांचे, क्षमता निर्माण, स्टार्टअप सहयोग, बौद्धिक संपदा सृजन, मानकीकरण और व्यावसायिक रूप से उपयोगी समाधानों के विकास के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करेंगे। यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।
इस सहयोग के अंतर्गत परामर्श सेवाएं, नवाचारों का इनक्यूबेशन, व्यावसायिक उत्पादों एवं सेवाओं का विकास तथा सरकार, उद्योग, रणनीतिक क्षेत्रों और आम नागरिकों के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने जैसी गतिविधियां भी शामिल हो सकती हैं। अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान आधारित नवाचार और बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन की क्षमता को एक साथ लाकर यह साझेदारी भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और देश के डिजिटल अवसंरचना तंत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
आईआईटी कानपुर के बारे में
1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।
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