C3iHub, आईआईटी कानपुर ने साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के दूसरे बैच का सफल समापन किया, 140 सैन्यकर्मियों को किया प्रशिक्षित
Kanpur , 24 July 2026
Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur
कानपुर, 24 जुलाई, 2026: आईआईटी कानपुर के साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (C3iHub) ने भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड के कर्मियों के लिए आयोजित अपने गहन साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच का सफलतापूर्वक समापन किया। इस अवसर पर लखनऊ स्थित सेंट्रल कमांड मुख्यालय में आयोजित समापन समारोह में 70 सैन्यकर्मियों को प्रशिक्षण पूरा करने पर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, C3iHub द्वारा प्रशिक्षित भारतीय सेना के कुल कर्मियों की संख्या 140 तक पहुंच गई है।
C3iHub का छह माह का हाइब्रिड साइबर सुरक्षा प्रमाणन कार्यक्रम रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा क्षेत्रों के लिए कुशल और उद्योग-उन्मुख साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है। यह कार्यक्रम शैक्षणिक उत्कृष्टता और व्यावहारिक प्रशिक्षण का समन्वय करता है, जिससे प्रतिभागी साइबर सुरक्षा की बुनियादी समझ विकसित करने के बाद उन्नत साइबर रक्षा कौशल प्राप्त कर सकें।
यह कार्यक्रम दो चरणों में संचालित किया जाता है—तीन माह का बेसिक मॉड्यूल और तीन माह का एडवांस्ड मॉड्यूल। प्रत्येक चरण में 24 ऑफलाइन सत्र (प्रत्येक तीन घंटे) और 12 ऑनलाइन सत्र (प्रत्येक दो घंटे) आयोजित किए जाते हैं, जिससे प्रत्येक मॉड्यूल में कुल 96 घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। बेसिक मॉड्यूल में अधिकतम 45 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि एडवांस्ड मॉड्यूल में केवल बेसिक मॉड्यूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकतम 30 प्रतिभागियों का चयन किया जाता है।
बेसिक मॉड्यूल में लिनक्स सिस्टम एवं नेटवर्किंग, साइबर थ्रेट इंटेलिजेंस, ऑपरेटिंग सिस्टम सुरक्षा, सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (SOC) की कार्यप्रणाली तथा साइबर घटनाओं के प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को बर्प सूट, वायरशार्क, एनमैप, नेसस और स्प्लंक जैसे उद्योग में व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले साइबर सुरक्षा उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है, जिससे वे वास्तविक साइबर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हो सकें।
वहीं, एडवांस्ड मॉड्यूल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुरक्षा विश्लेषण, सुरक्षा कार्यों के स्वचालन के लिए एआई एजेंट, नियम-आधारित लॉग प्रबंधन, पावर बीआई आधारित लॉग विश्लेषण, बिग डेटा टेलीमेट्री, मैलवेयर विश्लेषण, डिजिटल एवं नेटवर्क फॉरेंसिक, तथा वल्नरेबिलिटी असेसमेंट एंड पेनिट्रेशन टेस्टिंग (VAPT) जैसे उन्नत विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। दोनों मॉड्यूल के अंत में प्रतिभागियों का व्यावहारिक और सैद्धांतिक मूल्यांकन किया जाता है, जिसके उपरांत सफल प्रतिभागियों को सी3आईहब, आईआईटी कानपुर द्वारा औपचारिक प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं।
दो बैचों में 140 सैन्यकर्मियों को प्रशिक्षित किए जाने के साथ यह पहल आईआईटी कानपुर के सी3आईहब और भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाती है। यह साझेदारी संरचित और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से भारत की साइबर रक्षा क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आईआईटी कानपुर के बारे में
1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 21 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 590 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।
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