अपनी प्राथमिकता निर्धारित करें
फ़ॉन्ट स्केलिंग
अप्राप्ति
पृष्ठ अनुमापन
अप्राप्ति
रंग समायोजन
भा.प्रौ.सं.कानपुर

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर शंकर प्रसाद रथ को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया

SP Rath National Award for Teachers 2026

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर शंकर प्रसाद रथ को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया

Kanpur , 5 September 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर, 5 सितंबर, 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर शंकर प्रसाद रथ को शिक्षण, शोध और संस्थान के विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 5 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया गया। इस वर्ष देशभर के 21 शिक्षकों को यह सम्मान दिया गया।

प्रोफेसर रथ वर्ष 2004 से आईआईटी कानपुर से जुड़े हुए हैं और वर्ष 2014 से रसायन विज्ञान विभाग में पूर्ण प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उनका शोध इस बात को समझने पर केंद्रित है कि प्रोटीन में मौजूद बहुत छोटे लौह (आयरन) युक्त केंद्र किस प्रकार जीवित कोशिकाओं को ऑक्सीजन का उपयोग करने, ऊर्जा बनाने और जीवन के लिए आवश्यक रासायनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने में मदद करते हैं।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में 165 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं। उनके मार्गदर्शन में अब तक 27 पीएचडी शोधार्थियों, 40 स्नातकोत्तर (मास्टर) विद्यार्थियों और 25 पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं ने अपना शोध कार्य पूरा किया है।

शिक्षण और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन प्रोफेसर रथ के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने आईआईटी कानपुर में स्नातक छात्रों के लिए "इनऑर्गेनिक मॉलिक्यूल्स, मैटेरियल्स एंड मेडिसिन" नामक वैकल्पिक पाठ्यक्रम तैयार किया है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से वे छात्रों को यह समझाते हैं कि रसायन विज्ञान का हमारे दैनिक जीवन और शरीर की विभिन्न प्रक्रियाओं से क्या संबंध है। उन्होंने आईआईटी के प्रिपरेटरी कोर्स में भी पढ़ाया है, जिसका उद्देश्य वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव को मजबूत करना है।

इस सम्मान पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए प्रोफेसर शंकर प्रसाद रथ ने कहा, "राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। मैं इस सम्मान के लिए स्वयं को अत्यंत गौरवान्वित और आभारी महसूस करता हूं। मैं इसे केवल अपनी उपलब्धि नहीं मानता, बल्कि इसे अपने शिक्षकों, मार्गदर्शकों, सहकर्मियों, आईआईटी कानपुर और सबसे बढ़कर अपने उन सभी विद्यार्थियों के साथ साझा करता हूं, जिनकी जिज्ञासा और प्रश्नों ने मुझे हमेशा एक बेहतर शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया है। यह सम्मान मुझे और अधिक जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है। अब मेरा प्रयास रहेगा कि मैं शिक्षण में नए प्रयोग करता रहूं, विद्यार्थियों का और बेहतर मार्गदर्शन करूं तथा गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाऊं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि उत्कृष्ट शोध और समर्पित शिक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों मिलकर ज्ञान को आगे बढ़ाने, नई पीढ़ी को प्रेरित करने और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने का कार्य करते हैं।"

प्रोफेसर रथ को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। इनमें जर्मनी का अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट रिसर्च फेलोशिप, जापान का जेएसपीएस इन्विटेशनल फेलोशिप, केमिकल रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीआरएसआई) के ब्रॉन्ज और सिल्वर मेडल, सी. एन. आर. राव राष्ट्रीय रसायन विज्ञान पुरस्कार, तथा एसईआरबी-स्टार पुरस्कार शामिल हैं।

वे आईआईटी कानपुर में कई चेयर प्रोफेसरशिप भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा, उन्हें इंडियन नेशनल साइंस अकादमी (एफएनए), इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज (एफएएससी) और नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (एफएनएएससी) का फेलो चुना जा चुका है। वर्तमान में वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा प्रदान की जाने वाली जे. सी. बोस राष्ट्रीय फेलोशिप से भी सम्मानित हैं।

शिक्षण और शोध के अलावा प्रोफेसर रथ ने आईआईटी कानपुर में विद्यार्थियों के कल्याण, पाठ्यक्रम विकास और शैक्षणिक प्रशासन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे विभाग और संस्थान की कई शैक्षणिक समितियों, जिनमें अंडरग्रेजुएट एकेडमिक रिव्यू कमेटी (यूजीएआरसी) भी शामिल है, के सदस्य रहे हैं। उन्होंने फैकल्टी काउंसलर और फैकल्टी गाइड के रूप में भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है।

यह सम्मान उन शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करता है, जो विद्यार्थियों को प्रेरित करते हैं, ज्ञान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करते हैं और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 21 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 590 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।

अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें: www.iitk.ac.in