C3iHub, आईआईटी कानपुर का बड़ा कदम: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के साथ समझौता, साइबर सुरक्षा व्यावसायिक कार्यक्रम होगा शुरू
Kanpur , 18 August 2026
Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur
570 से अधिक संबद्ध कॉलेजों के 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक साइबर सुरक्षा शिक्षा पहुँचाने का लक्ष्य।
कानपुर, 18 अगस्त 2026: आईआईटी कानपुर के C3iHub ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (DBRAU), आगरा (पूर्व में आगरा विश्वविद्यालय) और विवेकानंद इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (VIF) के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए साइबर सुरक्षा का एक व्यावसायिक (वोकेशनल) पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 570 से अधिक संबद्ध कॉलेजों के 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक साइबर सुरक्षा की शिक्षा पहुंचाना है।
यह पाठ्यक्रम पूरी तरह ऑनलाइन और हिंदी में होगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी और व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएंगे। यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उन विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिन्हें अंग्रेज़ी भाषा के कारण तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है।
इस समझौते पर आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर, C3iHub के कार्यक्रम निदेशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र बसवाना, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी एवं वीआईएफ के निदेशक प्रो. संजय चौधरी तथा विश्वविद्यालय कंप्यूटर केंद्र (यूसीसी) के निदेशक प्रो. अनिल गुप्ता ने हस्ताक्षर किए।
इस सहयोग के तहत C3iHub, आईआईटी कानपुर अपने शोध और प्रशिक्षण के अनुभव के आधार पर पाठ्यक्रम तैयार करेगा और उसका संचालन करेगा। विवेकानंद इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (VIF) इस पाठ्यक्रम को बड़े स्तर पर संचालित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में एक समर्पित साइबर सुरक्षा परामर्श केंद्र (Cybersecurity Counselling Cell - CCC) भी स्थापित किया जाएगा, जो साइबर अपराध की घटनाओं की रोकथाम, जागरूकता और विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करेगा।
इस अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने C3iHub और विश्वविद्यालय की टीम को बधाई देते हुए कहा, "डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 570 से अधिक कॉलेजों में लाखों विद्यार्थी पढ़ते हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करें। आज के समय में साइबर सुरक्षा केवल इंजीनियरों का विषय नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के लिए एक आवश्यक जीवन कौशल है। C3iHub, आईआईटी कानपुर और विवेकानंद इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी हमें अपने विद्यार्थियों को उनकी अपनी भाषा में बड़े स्तर पर यह महत्वपूर्ण शिक्षा देने का अवसर प्रदान करेगी।"
इस पाठ्यक्रम में साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियम, सोशल मीडिया से जुड़े खतरे, पहचान की चोरी, व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग, महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, डार्क वेब, साइबर हमले, तथा इंटरनेट से जुड़ी गैर-कानूनी गतिविधियों जैसे विषय शामिल होंगे। पाठ्यक्रम में प्रश्नोत्तरी, कार्यशालाएं, प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया तथा विशेष वर्चुअल लैब भी शामिल होंगी, ताकि विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
समझौता हस्ताक्षर समारोह में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ऑनलाइन माध्यम से समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के कुलपति एवं एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पाठक भी उपस्थित रहे।
आईआईटी कानपुर के बारे में
1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 21 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 590 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।
अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: www.iitk.ac.in