विश्व निवेशक सप्ताह के दौरान IIT कानपुर में SEBI का ‘वेल्थ कोड’ निवेशक जागरूकता सत्र आयोजित
Kanpur , 9 October 2026
Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur
टेककृति और DoMS के सहयोग से SEBI के वरिष्ठ अधिकारी ने छात्रों को वित्तीय साक्षरता और निवेश के प्रति जागरूक किया।
कानपुर, 09 अक्टूबर, 2026: विश्व निवेशक सप्ताह के अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT कानपुर) के वार्षिक तकनीकी एवं उद्यमिता महोत्सव टेककृति ने प्रबंधन विज्ञान विभाग (DoMS) की पूर्व छात्र एवं कॉर्पोरेट संबंध समिति (ACR) के सहयोग से ‘वेल्थ कोड’ नामक निवेशक जागरूकता सत्र का आयोजन किया। यह सत्र भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सहयोग से आयोजित किया। इस कार्यक्रम के आयोजन में आईआईटी कानपुर के प्रबंधन विज्ञान विभाग (DoMS) के प्रो. सुमन सौरभ का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने विभाग की ओर से इस पहल को सहयोग प्रदान किया।
इस सत्र का संचालन SEBI के उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय में उप महाप्रबंधक श्री विपुल जैन ने किया। उन्हें प्रतिभूति बाजार में धोखाधड़ी की जांच, बाजार संबंधी नियमों को लागू करने, बाजार के मध्यस्थों के निरीक्षण तथा निवेशकों को जागरूक करने और शिक्षित करने के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों को निवेश की शुरुआत करते समय सही वित्तीय निर्णय लेने में मदद करना था।
सत्र में कम उम्र से निवेश शुरू करने और नियमित रूप से निवेश करने की आदत विकसित करने के महत्व पर जोर दिया गया। छात्रों को समझाया गया कि नियमित और अनुशासित निवेश से चक्रवृद्धि ब्याज के लाभ के माध्यम से लंबे समय में संपत्ति बनाई जा सकती है। इस दौरान म्यूचुअल फंड, व्यवस्थित निवेश योजना (SIP), रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) और बॉन्ड जैसे निवेश के विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी गई। साथ ही, इनके प्रमुख लाभों और जोखिमों के बारे में भी बताया गया।
सत्र में ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से बचने और वित्तीय निर्णय लेते समय सतर्क रहने पर विशेष जोर दिया गया। छात्रों को सलाह दी गई कि वे केवल SEBI में पंजीकृत मध्यस्थों के माध्यम से ही निवेश करें और SEBI के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर उनके पंजीकरण की पुष्टि करें। उन्हें ‘SEBI चेक’ सुविधा के बारे में भी बताया गया, जिसकी मदद से पैसे भेजने से पहले किसी मध्यस्थ की UPI आईडी या बैंक खाते का सत्यापन किया जा सकता है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर मिलने वाली अनजान निवेश सलाह, निश्चित लाभ का दावा करने वाले सुझावों और अप्रमाणित वित्तीय जानकारी से सावधान रहने की सलाह दी गई।
प्रतिभागियों को निवेश संबंधी जानकारी के लिए SEBI के विश्वसनीय शैक्षिक संसाधनों, जैसे SEBI सारथी ऐप और SEBI के निवेशक पोर्टल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। सत्र में वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत करने और निवेश संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध माध्यमों की जानकारी भी दी गई। इनमें SEBI की शिकायत निवारण प्रणाली (SCORES) और निवेशकों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-266-7575 तथा 1800-22-7575 शामिल हैं।
इस संवादात्मक सत्र में छात्रों को प्रतिभूति बाजार के नियामक से सीधे बातचीत करने और निवेश से जुड़े अपने सवालों के जवाब पाने का अवसर मिला। सत्र का समापन SEBI के निवेशक जागरूकता संदेश, “सावधान रहें, सतर्क रहें” के साथ हुआ। इस संदेश के माध्यम से युवा निवेशकों को जागरूक रहने और सोच-समझकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
‘IIT कानपुर में आयोजित ‘वेल्थ कोड’ सत्र टेककृति और DoMS के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य छात्रों को उद्योग जगत के विशेषज्ञों और नियामक संस्थाओं से जोड़ना है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों को प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करते हैं, जिससे वे भविष्य में बेहतर निर्णय ले सकें।
आईआईटी कानपुर के बारे में
1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, 27 केंद्र, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार, अनुसंधान और समग्र विकास में अग्रणी बना हुआ है।
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