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भा.प्रौ.सं.कानपुर

आईआईटी कानपुर का C3iHub करेगा उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना और संचालन

Cyber Security Operations Centre

आईआईटी कानपुर का C3iHub करेगा उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना और संचालन

Kanpur , 30 October 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

~उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ₹104.28 करोड़ की यह पहल राज्य के सरकारी डिजिटल बुनियादी ढांचे में साइबर सुरक्षा की निगरानी और घटना-प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करेगी~

कानपुर, 29 अक्टूबर 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) का साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र, C3iHub, प्रारंभिक तीन वर्षों की अवधि के लिए उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (UP-CSOC) की स्थापना के साथ-साथ उसके संचालन और रखरखाव का दायित्व भी संभालेगा। परिचालन और रखरखाव व्यय सहित इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹104.28 करोड़ है। इसे उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंजूरी दी।

प्रस्तावित UP-CSOC का उद्देश्य केंद्रीकृत साइबर सुरक्षा निगरानी, खतरों की पहचान और घटनाओं पर प्रतिक्रिया के माध्यम से राज्य के सरकारी डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को मज़बूत करना है। चूँकि सरकारी विभाग प्रशासन और जन-सेवाओं की डिलीवरी के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और आपस में जुड़ी प्रणालियों पर निरंतर अधिक निर्भर होते जा रहे हैं, यह केंद्र संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, संभावित साइबर खतरों के आकलन और सरकारी डेटा, डिजिटल नेटवर्क, एप्लिकेशन तथा महत्वपूर्ण सूचना प्रणालियों को प्रभावित करने वाली सुरक्षा घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई में सहायक होगा।

यह केंद्र डिजिटल बुनियादी ढांचे की 24×7 सुरक्षा निगरानी में भी सहायता करेगा, जिसमें उभरते साइबर खतरों की पहचान के लिए थ्रेट इंटेलिजेंस-आधारित डिटेक्शन का उपयोग होगा। इसकी क्षमताओं में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (OT) दोनों परिवेशों में साइबर सुरक्षा निगरानी, सुरक्षा कमज़ोरियों की पहचान और उनसे जुड़े जोखिमों के आकलन के लिए उन्नत वल्नरेबिलिटी मैनेजमेंट, तथा घटनाओं को उनकी गंभीरता और संभावित प्रभाव के आधार पर प्राथमिकता देने के लिए खतरे की गंभीरता का विश्लेषण शामिल होगा। साथ ही, यह घटनाओं की जाँच, समन्वित प्रतिक्रिया और घटना-पश्चात विश्लेषण में भी सहायता करेगा, ताकि सुरक्षा नियंत्रण सुदृढ़ हों और दोबारा घटित होने का जोखिम घटे।

इन क्षमताओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग (ML), सिक्योरिटी इन्फॉर्मेशन एंड इवेंट मैनेजमेंट (SIEM), सिक्योरिटी ऑर्केस्ट्रेशन, ऑटोमेशन एंड रिस्पॉन्स (SOAR) और नेटवर्क डिटेक्शन एंड रिस्पॉन्स (NDR) जैसी उन्नत साइबर सुरक्षा तकनीकों का सहारा मिलने की अपेक्षा है। इस पहल में विभागीय मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारियों (CISO) और नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय, साथ ही साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण, वल्नरेबिलिटी असेसमेंट, साइबर ड्रिल और समय-समय पर स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट पर भी ध्यान दिया जाएगा। इन सभी उपायों का उद्देश्य साइबर सुरक्षा की तैयारी को मज़बूत करना और सरकारी विभागों में जोखिमों के प्रबंधन के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।

इस घोषणा पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा "उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार बदलते साइबर खतरों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसी भी साइबर सुरक्षा चूक से आवश्यक सेवाएं बाधित हो सकती हैं और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। आईआईटी कानपुर स्थित C3iHub अपनी विशेषज्ञता और तकनीकी दक्षता के साथ इस पहल का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। C3iHub पहले ही SAIL भिलाई स्टील प्लांट, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और भारतीय पत्तन संघ (IPA) जैसे प्रमुख संगठनों के लिए सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (SOC) स्थापित कर चुका है। हमें विश्वास है कि इस अनुभव से उत्तर प्रदेश के डिजिटल सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।"

आईआईटी कानपुर का C3iHub इससे पहले SAIL भिलाई स्टील प्लांट, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (IPA) सहित कई संगठनों के लिए सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर की क्षमताएँ स्थापित कर चुका है। ये परियोजनाएँ महत्वपूर्ण अवसंरचना परिवेशों में साइबर सुरक्षा संचालन को सहारा देने के उसके अनुभव को दर्शाती हैं, जहाँ परिचालन की निरंतरता के लिए डिजिटल प्रणालियों की उपलब्धता, अखंडता और सुरक्षा अनिवार्य होती है। इसी अनुभव के आधार पर C3iHub इस प्रस्तावित राज्य-स्तरीय पहल में साइबर सुरक्षा निगरानी, खतरों की पहचान और घटना-प्रतिक्रिया में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का योगदान देगा।

UP-CSOC पहल के माध्यम से आईआईटी कानपुर का C3iHub निरंतर निगरानी, समन्वित घटना प्रबंधन और बेहतर सुरक्षा तैयारी के ज़रिए उभरते साइबर जोखिमों की पहचान, आकलन और उन पर प्रतिक्रिया करने की राज्य की क्षमता को सुदृढ़ करने में योगदान देगा। यह पहल उत्तर प्रदेश के लिए अधिक सुरक्षित और सुदृढ़ डिजिटल शासन ढांचे को सहारा देगी, जिससे सरकारी डिजिटल बुनियादी ढांचे और उस पर निर्भर जन-सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।