SIIC आईआईटी कानपुर में सर्कुलर इकोनॉमी के नवाचारों का प्रदर्शन, अद्वय कोहोर्ट-1 के स्टार्टअप्स ने वास्तविक उपयोग की दिशा में बढ़ाया कदम
Kanpur , 8 October 2026
Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur
कानपुर नगर आयुक्त श्री अर्पित उपाध्याय ने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, पुनर्चक्रण और पर्यावरण से जुड़ी लाभकारी सामग्री के क्षेत्र में तकनीकी समाधान विकसित कर रहे पांच स्टार्टअप्स को सम्मानित किया।
कानपुर, अक्टूबर 08, 2026: प्लास्टिक कचरे की समस्या के समाधान और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे पांच स्टार्टअप्स ने आईआईटी कानपुर में अपनी तकनीकों का प्रदर्शन किया। ‘अद्वय–प्लास्टिक सर्कुलैरिटी इनोवेशन लॉन्चपैड’ के पहले चरण के इन स्टार्टअप्स ने अपने इनक्यूबेशन के सफ़र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया।

कोहोर्ट-1 के उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) ने परनॉड रिकॉर्ड इंडिया फ़ाउंडेशन (PRIF) के सहयोग से किया। यह कार्यक्रम प्लास्टिक कचरे से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले तकनीकी समाधान विकसित कर रहे स्टार्टअप्स को सहयोग देने के लिए तैयार किया गया है।
कानपुर नगर निगम के नगर आयुक्त श्री अर्पित उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और कोहोर्ट-1 के पांचों स्टार्टअप्स को सम्मानित किया। उन्होंने स्टार्टअप्स के संस्थापकों से बातचीत कर उत्पादों की तकनीक, उनके इस्तेमाल और उन्हें बड़े स्तर पर लागू किए जाने की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली।
कार्यक्रम में एमएसएमई-डीएफ़ओ, कानपुर के निदेशक श्री वी. के. वर्मा, सहायक निदेशक श्री अमित बाजपेयी और परनॉड रिकॉर्ड इंडिया फ़ाउंडेशन, कानपुर के प्लांट हेड श्री आकाश सिंह के साथ आईआईटी कानपुर स्थित SIIC के प्रोफ़ेसर-इंचार्ज प्रो. दीपू फ़िलिप और सीईओ डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री भी मौजूद रहे।
अद्वय भारत को सर्कुलर प्लास्टिक इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया स्टार्टअप इनक्यूबेशन और एक्सेलेरेशन कार्यक्रम है; जिसके तहत प्लास्टिक कचरे के संग्रह, छंटाई, पुनर्चक्रण, दोबारा इस्तेमाल किये जाने और वैकल्पिक सामग्री जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को अनुदान, व्यवस्थित इनक्यूबेशन, मार्गदर्शन और संबंधित संस्थानों से जुड़ने के अवसर दिए जाते हैं। इससे स्टार्टअप्स अपनी तकनीकों को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें बाज़ार और वास्तविक उपयोग के लिए तैयार कर सकेंगे।
उत्पादों के प्रदर्शन में प्लास्टिक कचरे के दोबारा इस्तेमाल और पुनर्चक्रण से जुड़े अलग-अलग नए नवाचारों को पेश किया गया। Rau Ecostone (Paving+) ने प्लास्टिक और औद्योगिक कचरे से तैयार निर्माण सामग्री पेश की। वहीं, Zuviron ने पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार भवन निर्माण और सजावट सम्बंधित पैनल प्रस्तुत किए। SwachhAI Technologies ने कचरे को अपने आप अलग करने वाले एआई आधारित स्मार्ट बिन का प्रदर्शन किया और Fruvetech ने फ़सल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पुनर्चक्रित प्लास्टिक से तैयार कोल्ड स्टोरेज समाधान प्रस्तुत किए। Mushloop ने पर्यावरण के लिए ज़रुरी विकल्प के रूप में माइसीलियम से तैयार होने वाली कंपोस्टेबल पैकेजिंग और प्राकृतिक रंग पेश किए।
इन उत्पादों का प्रदर्शन किया जाना पहले कोहोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। इसके माध्यम से स्टार्टअप्स को कार्यक्रम के दौरान हुई अपनी प्रगति प्रदर्शित करने और सरकार, उद्योग तथा नवाचार क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संवाद करने का अवसर मिला। इस दौरान तकनीकों को बड़े स्तर पर विस्तार देने, उन्हें बाज़ार में अपनाने और दोबारा इस्तेमाल किये जाने पर केंद्रित तकनीकों को व्यावहारिक उपयोग में लाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम के साथ ही अद्वय के अगले चरण की भी शुरुआत हुई। कोहोर्ट-2 के आठ स्टार्टअप्स रीअर्थटेक इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड, एनईसीआरवी बायोपॉलिमेरिक्स प्राइवेट लिमिटेड, माइनस डिग्री मैन्युफ़ैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड, अर्थइम्पैक्ट इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड, भार्गा बायोटेक, री-एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, प्लास्टिक्योर प्राइवेट लिमिटेड, एपिक्सओ रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड और अथर पैकेजिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने आईआईटी कानपुर में आवासीय प्रशिक्षण शुरू किया। प्रशिक्षण में विशेषज्ञों द्वारा बिज़नेस मॉडल, कचरा प्रबंधन, बड़े स्तर पर विस्तार और निवेश के लिए तैयारी जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इससे स्टार्टअप्स को अपने विकास के अगले चरण के लिए एक व्यवस्थित आधार मिलेगा।
अद्वय के माध्यम से SIIC, आईआईटी कानपुर और परनॉड रिकॉर्ड इंडिया फ़ॉउंडेशन प्लास्टिक कचरे और संसाधनों के पुनर्चक्रण से जुड़े तकनीकी उपक्रमों को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही, इन नवाचारों को शुरुआती प्रोटोटाइप से आगे बढ़ाकर बड़े स्तर पर वास्तविक उपयोग तक पहुंचाने के लिए भी अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
अद्वय–प्लास्टिक सर्कुलैरिटी इनोवेशन लॉन्चपैड के बारे में
अद्वय–प्लास्टिक सर्कुलैरिटी इनोवेशन लॉन्चपैड, परनॉड रिकॉर्ड इंडिया फ़ॉउंडेशन के सहयोग से और FIRST, आईआईटी कानपुर द्वारा संचालित स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं एक्सेलेरेशन कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम प्लास्टिक कचरे से जुड़ी पूरी पूरी प्रक्रिया में तकनीकी समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स पर केंद्रित है। इसके तहत स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, व्यवस्थित इनक्यूबेशन, मार्गदर्शन और संबंधित संस्थानों से जुड़ने के अवसर दिए जाते हैं, ताकि उनकी तकनीकों और बिज़नेस मॉडल को मजबूत किया जा सके और उन्हें बाज़ार तथा वास्तविक उपयोग के लिए तैयार किया जा सके।
आईआईटी कानपुर के बारे में
1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, 27 केंद्र, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार, अनुसंधान और समग्र विकास में अग्रणी बना हुआ है।
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